Saturday, November 15, 2008

छुपते क्यों हो दोस्त...

बड़ी आसानी से दिल लगाये जाते हैं पर,
बड़ी मुश्किल से वादे निभाए जाते हैं।
ले जाती है मोहब्बत उन राहों पर,
जहाँ दिए नही दिल जलाए जाते हैं।

वो लिखते हैं हमारा नाम मिटटी में,
और मिटा देते हैं।
उनके लिए ये खेल होगा,
मगर हम को तो वो मिटटी में मिला देते हैं।

ज़ख्मो को न कुरेदो हरे हो जायेंगे,
मिल जायेंगे ग़म और वो बहुत याद आएंगे
कितने गहरे हैं ज़ख्म इस दिल के,
मिलोंगे जो हमसे तो हम बताएँगे।

हम से छुपते क्यों हो दोस्त,
एक दिन हम ऐसे अंधेरों में खो जायेंगे।
फिर मांगोगे दुआओं में खुदा से हमें,
और हम फिर सपनो में भी नहीं आयेंगे।

Friday, September 26, 2008

हर पल तेरी यादें...


प्यार है वो हस्त हुवा फूल
जो हर एक इंसान के नसीब में नही
जिसे मिलता है प्यार वो इस दुनिया का
खुश नसीब इंसान है
जिसे न मिले प्यार वो न जाने कैसे जी लेता है?
इसीलिए जिन्दगी में आ कर इंसान को किसी न किसे से प्यार करना चाहिए
एक बार अपना दिल किसी के लिए बेकरार करना चाहिए
इस से जो खुशी मिलती है वो खुशी किसी और चीज में नही
इस में मुश्किलें बहुत सी होती है
मगर उसे निभा कर आगे बढ़ने वाला इंसान ही
प्यार में कामयाब कहलाया जाता है
हरने वाले इंसान का प्यार सच्चा नही
प्यार इंसान को हसना सिखाता है
हर दर्द में रोना सिखाता है
प्यार है वो एक दरया
जिसमे खो जाने को जी चाहता है
इसीको कहते है प्यार
जो हर पल हमें यादो में
खो जाने को मजबूर करता है
जान से ज्यादा इस प्यार पर
मर मिटने को दिल चाहता है
दुनिया की नजरो से उसे चुरा कर
कही दूर ले जाने को जी चाहता है
क्योकि ये दुनिया कभी दो सच्चे प्यार
करने वालो को मिलने नही देती
मगर दिल में हो आस तो
प्यार की उमीदो को टूटने नही देती.

Saturday, September 20, 2008

इस गुनाह की कोई सज़ा नही...

आप को भूल जाए इतने तो बेवफा नही,
आप से क्या गिला करे, आप से कुछ गिला नही।
सीसा-ऐ-दिल को तोड़ना उनका खेल है,
हमसे ही भूल हो गई उनकी कोई खता नही।
काश वो अपने गम मुझे दे दें तो कुछ सुकून मिले,
वो कितना बदनसीब है, गम जिसे मिला नही।
करनी है अगर वफ़ा कैसे वफ़ा को छोड़ दूँ ,
कहते है इस गुनाह की होती कोई सज़ा नही।


...रवि
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Friday, September 19, 2008

मंजूर नही थी तुमसे जुदाई,
रुला दिया मुझे दर्द के आंसुओं में,
चुप रही वो मासूम सी दुल्हन,
प्यार बनकर चली थी तेरे आँगन में,
छोड़ आए थे सारी खुशियाँ,
रुला दिया मुझे दर्द के आंसुओं में,

...रवि
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Thursday, September 18, 2008

आओ मिल जाये हम सुगंध और सुमन कि तरह...

मुझे तेरी मोहब्बत मे खो जाने दो
हर लम्हा मर के आज फिर जी जाने दो
इसे मोहब्बत ने दिल को आज फिर धडकाया है
मुझे इश्क़ की बाहो मे सो जाने दो
तडप की आग है जुदाई की बाहो मे
मुझे आज इस मोहब्बत से मिल जाने दो
मेरी सांस चलती है तेरे नाम की आहत पे
मुझ बेनाम को इस नाम मे खो जाने दो
कसम तुझे चलने वाली हवाओ की मेहबूब
मुझे इस मोहब्बत की आग मे जल जाने दो.
...Ravi
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Wednesday, September 10, 2008

बहुत दूर हम तुम से चले जायेंगे


एक दिन बहारों के फूल मुरझा जायेंगे,
जब भूले से कभी हम याद आयेंगे.
अहसास होगा तुम्हे हमारी दोस्ती का जब,
दूर बहुत दूर हम तुम से चले जायेंगे।


आसमान को नीद ए तो सुलाऊं कहाँ,
धरती को मौत ए तो दफानाउन कहाँ.
सागर में लहर उठे तो छुपाऊं कहाँ,
आप जैसे दोस्त की याद ए तो जाऊं कहाँ।


उम्मीद ऐसी हो जो जीने को मजबूर करदे,
राह ऐसी हो जो चलने को मजबूर करदे.
महक कभी कम न हो अपनी दोस्ती की,
यारी ऐसी हो जो मिलने को मजबूर करदे।


...Ravi
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किसी की चाहत में


तड़प के देखो किसी की चाहत में,

तो पता चले की इंतज़ार क्या होता है......

यूँ ही मिल जाए कोई बिना चाहे,

तो कैसे पता चले की प्यार का होता है..

kisi ki yaad me...
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